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उवणकटिबंधीय देशों में ताज फलों एवं सब्जियों का खराब होना बहुत ही गम्भीर समस्या है। शीत अथवा ठण्डे स्टोरेज ताजे उत्पाद को लम्बे समय तक सही रखती हैं परन्तु रेफ्रिजरेशन उपकरण महंगे होते है जिसे हर आदमी नहीं खरीद सकता है। इसके साथ ही इसका मैन्टेनेन्स भी काफी महंगा होता है। फार्म पर ही फलों एवं सब्जियों हेतु तथापि एक कम लागत का विकल्प उपलब्ध है जो कि वातिपकरण की शीत शक्ति इस्तेमाल करता है। शून्य ऊर्जा शीत चैम्बर बाहरी तापक्रम से 10-15 डिग्री सैल्सियश ज्यादा ठण्डा रखता है तथा 90 प्रतिशत आपेक्षित आर्द्रता बनाए रखता है तथा इसे स्थानीय उपलब्ध सामग्रियों में से बनाना भी आसान है जैसे कि ईंट, रेत, बांस, घास एवं गनी बैग।

 

निर्माण

1-                ऐसे स्थान का चयन करें जो पानी के निकट हो।

2-               ईंटों से एक फर्श का निर्माण करें।

3-               दो दीवारों का निर्माण करें जिनकी ऊॅंचाई 70 सैं.मी. हो तथा दोनों दीवारों के बीच 7.5 सैं.मी. की दूरी बनाए रखें।

4-               चैम्बर को पानी से गीला कर दें।

5-               नदी की रेत को पानी से भिगो दें।

6-               दोनों दीवारों के बीच कैबिटी का इस गीली रेत से भर दें।

7-               बांस, सिरकी, घास अथवा स्ट्रा से एक कवर फे्रम तैयार करें।

8-               चैम्बर को प्रत्यक्ष सूरज की रोशनी से बचाने के लिए एक छप्पर उस पर बनाकर उसे ढक दें।

 

आप्रेशन (कार्यान्वयन)

·                    हमेशा रेत, ईंट एवं चैम्बर का ऊपरी कवर गीला रखें।

·                    सुबह एवं शाम दो बार प्रतिदिन पानी डालें। प्लास्टिक शीट, पाइपों, पानी संसाधन से जुड़े सूक्ष्म डपूस से साथ निर्मित ड्रिप सिस्टम इसमें काफी मददगार हो सकता है।

·                    हवादार प्लास्टिक क्रेन्स में फलों एवं सब्जियों को संग्रहित कर लें। बांस, लकड़ी अथवा फाइबर बुड पेटियां इस्तेमाल न करें। क्योंकि यह नमी द्वारा खराब हो जाएगा।

·                    इन क्रेटों को एक पतले पॉलीथीन शीट से ढक दें।

·                    3 वर्षों के बाद नमी र्इंटों के साथ चैम्बर का पुन: निर्माण करें (समय रहते ईंटों के छेद बंद हो जाते हैं तथा यह चैम्बर में प्रभाव को कम कर देते हैं।

नोट :

·                    चैम्बर का निर्माण वहां करें जिस जगह हवा का प्रवा हो।

·                    इसे ढलान पर बनाएं जिससे पानी इकट्ठा न हो सके।

·                    स्वच्छ, साबूत एवं छिद्र वाली र्इंटों का इस्तेमाल करें।

·                    रेत स्वच्छ होना चाहिए तथा जैव अवशेषों से मुक्त होना चाहिए। मिट्टी भी नहीं होनी चाहिए।

·                    र्इंटाें एवं रेत को पानी से हमेशा गीला रखें।

·                    संग्रहित उत्पादों को पानी की बूंदों के सम्पर्क से दूर रखें।

·                    खाली चैम्बर, अनुमोदित कवकनाशी, कीटनाशी से उपचारित होना चाहिए।

 

चेतावनी

      कवकनाशी एवं कीटनाशी से चैम्बर को शोधित कराने से पहले सारे उत्पाद चैम्बर से हटा दें।

शीत चैम्बर की लागत

      ईंटें (400)         400 रूपये/-

      रेत                50 रूपये/-

      बांस               30 रूपये/-

      अन्य विविध सामग्री  120 रूपये/-

      बाहरी शैड          400 रूपये/-

                     कुल   1000 रूपये/-

शीत चैम्बर के लाभ

·                    यह अकुशल व्यक्ति द्वारा भी बनाया जा सकता है।

·                    कोई भी मैकेनिकल एवं विद्युत ऊर्जा की आवश्यकता नहीं है।

·                    छोटे कृषकों को कुछ दिनों के लिए अपने उत्पाद को संग्रहित करने में समर्थ बनाता है तथा महंगी बिक्री को बचाता है।

·                    घरेलू स्टोरेज के लिए उत्ताम।

·                    हानियां कम करता है तथा थोडे समय में ही अच्छा लाभ देता है।

·                    दही, दूध एवं पके हुए भोजन का अस्थाई स्टोरेज करता है।

·                    मशरूम कल्टीवेशन के लिए भी काफी उपयोगी है तथा बायोफर्टिलाइजर के स्टोरेज एवं रेशम के कीड़ों के पालन में भी मदद करता है।

 

शीत चैम्बर की हानियां

·                    अच्छे पूंजी निवेश की जरूरत है।

·                    सम्पूर्ण वर्ष पानी के विश्वसनीय स्त्रोत पर आधारित आप्रेशन।

 

शून्य ऊर्जा शीत चैम्बर के फलों एवं सब्जियों की अवधि

उत्पाद            स्टोरेज का समय    बाहर (दिन)       कूल चैम्बर

पत्तो वाली सब्जियां   गर्मी               21                3 (दिन)

                  सर्दी               3                 8-10

अन्य सब्जियां       गर्मी               1-2               5-6

                  सर्दी               4-5               10-12

आलू              गर्मी               40                97

                  सर्दी                                

आम, संतरा         गर्मी               4                 8

                  सर्दी               8-10              50-60

 

बांस बर्फ रहित रेफ्रिजरेशन

     ग्रामीण क्षेत्रों में, सब्जियों, दूध एवं अन्य खराब होने वाली सामग्रियों का स्टोरेज एक गंभीर समस्या है विशेषकर गर्मियों के मौसम में। बांस बर्फ रहित रेफ्रिजरेशन खाद्य पदार्थों को संग्रहित करने का एक कम लागत का साधन है। यह एक ग्रामीण महिला द्वारा आम उपलब्ध सामग्रियों से  भी बनाया जा सकता है।

 

आवश्यक सामग्री

1-                बुने हुए लकड़ी के डण्डों अथवा बांसों से निर्मित गोल बास्केट।

2-               ढीली फिटिंग की लिंड अथवा ढक्कन।

3-               जूट का कपड़ा।

4-               मैटल अथवा क्ले टे्र (गोल अथवा चौकोर)

5-               पत्थर अथवा ईंटें।

नोट : बर्फ रहित रेफ्रिजरेशन इतना बड़ा बनाएं जिसमें कि आपके परिवार की जरूरत पूरी हो सके।

 

निर्माण

1-                जूट कपड़े से टोकरी को हल्का ढंक दें।

2-               टोकरी की रिम को जूट के कपड़े से चारों तरफ सिल दें। कपड़े का नीचे का हिस्सा नीचे लटका होना चाहिए जो कि टोकरी से बड़ा होना चाहिए।

3-               सर्कल में 4 से 5 ईंटें रखें। इसके ऊपर मैटल अथवा मिट्टी रखें।

4-               टे्र के अन्दर सर्कल में 3 से 5 पत्थर रखे।

5-               टे्र में पत्थरों के ऊपर जूट से ढकी टोकरी को रखें।

6-               टे्र को पानी से भर दें। यह सुनिश्चित करें कि जूट के कपड़े से पानी टपकता रहे।

 

बर्फ रहित रेफ्रिजरेशन

1-                टोकरी में खराब होने वाले खाद्य पदार्थ रखें।

2-               हल्के फिटिंग वूवन लिड के साथ टोकरी ढक दें।

3-               कपड़े से पानी का वाषपीकरण हो जाएगा, इससे टोकरी में पड़ी वस्तुएं ठण्डी एवं ताजी रहेंगी। जूट सामग्री को ऊपर एवं नीचे से साफ पानी में नियमित गीला करते रहें।